Friday, September 18, 2026

उर्दू बह्र पर एक बातचीत : क़िस्त 142:बह्र-ए-मुज़ारे’ 221--2121--1221---212 पर एक चर्चा [ भाग-2]

 उर्दू बह्र पर एक बातचीत : क़िस्त     [ भाग -2]

पिछली क़िस्त [भाग-1]  में बह्र-ए-मुज़ारे’ पर चर्चा चल रहा था और उस पर तखनिक़ के अमल की भी बात हो रही थी। उसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए--

-A-------B----------C----------D

221-   --2121----1221---    212

[ बह्र-ए-मुज़ारे’ मुसम्मन अख़रब मक्फ़ूफ़ मफ़ज़ूफ़ ]

पर अगर तख़निक़ का अमल किया जाए तो क्या हासिल होगा? कारण कि  

---B----और ------C---- दो adjacanet Rukn [आमने सामने के रुक्न ] पर 

तीन मुतहर्रिक हर्फ़ (1-1-1) एक साथ मुतस्सिल [ लगातार]  आ गए हैं तो ’तख़्निक़ ’ का अमल हो सकता है और इस तरीके से निम्न लिखित वज़न बरामद हो सकती है ।

[X]  221---2122----221----212-

------- -----   ---- 

  अब दूसरा तरीक़ा भी देख लेते हैं--

मुज़ारे’ एक मुरक़्क़ब बहर है जो दो सालिम रुक्न से मिल कर बनता है और उसका बुनियादी रुक्न

1222----2122 होता है।

 और  इसकी मुसम्मन शकल

 1222---2122---1222---2122- होती है}

अब इन अर्कान पर खर्ब  और हज़्फ़ का ज़िहाफ़ लगाएँ तो --

1222 + खर्ब = अख़रब 221

2122         = सालिम शकल 2122 [ no zihaaf]

2122 + हज़्फ़   = महज़ूफ़ 212

तो निम्न लिखित  वज़न बरामद हो सकती है

[Y] 221----2122----221---212

[ मुज़ारे’ मुसम्मन अख़रब ,सलिम,अख़रब, महज़ूफ़ ]

कमाल अहमद सिद्दिक़ी साहब ने इसे एक Independent बह्र के रूप में माना है।

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अब आप दोनॊ वज़न [X] and [Y] दोनों को  compare कीजिए । दोनो वज़न same है पर हासिल करने के तरीक़े अलग अलग हैं।

[X]  तखनिक़ के अमल से हासिल हुआ है जो मुज़ाहिफ़ बह्र पर अमल किया जा सकता है। आखिर रुबाई और मीर की बह्र में किया ही जाता है।

जब कि 

[Y] मुज़ारे’ मुसम्मन पर वाज़िब ज़िहाफ़ लगाने से हासिल हुआ है। 

तो फिर--

[Y] को आप ग़ौर से देखें तो अख़रब [221] दोनो मुक़ाम सदर और हस्व पर आया है । आरिफ़ हसन खाँ साहब का मानना है  कि खर्ब ज़िहाफ़ एक ख़ास ज़िहाफ़ है जो सदर/इब्तिदा के लिए ही मखसूस हैं --हस्व के मुकाम के लिए नहीं [और मैं इससे मानता हूँ]  अत: मेरे खयाल से [Y] का तरीका  सही नहीं लगता 

जब कि  [X]   के तरीके [ तखनिक़ के अमल में] कोई कमी नहीं, कोई खिलाफ़वर्ज़ी भी नहीं।

अत: मेरे हिसाब से और मेरे ख़याल से  221--2121---1221--212 पर तख़्निक का अमल किया जा सकता है।

्यानी 2121 को 2122 लिया जा सकता है। खयाल रहे यह - 2122--सालिम रुक्न नहीं बल्कि तखनिक़ के अमल से हासिल हुआ हौ अत: यह मुख़न्निक़ है।

क्रमश: --चर्चा जारी है --

-आनन्द पाठक ’आनन’-
8800927181


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