Friday, September 18, 2026

उर्दू बह्र पर एक बातचीत : क़िस्त 143 :बह्र-ए-मुज़ारे’ 221--2121--1221---212 पर एक चर्चा [ भाग-3] और अन्तिम

 चर्चा भाग-3 [अन्तिम]

मित्रो ! 

इस लेख शृंखला के भाग -1 में तस्कीन-ए-औसत और तख़निक़ के अमल की चर्चा की थी

जिसमें यह भी कहा था कि इन दोनों का अमल मुज़ाहिफ़ बह्र पर ही होता है -सालिम बह्र पर नहीं।

सवाल यह कि सालिम बह्र पर क्यों नहीं होता या क्यों नहीं हो सकता? अगर सालिम बह्र पर अमल कर दिया तो क्या होगा क्या कबाहत [ मुश्किल] है कि सालिम बह्र पर इसका अमल मुमकिन नहीं।

आज इसी मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

आप जानते है कि उर्दू शायरी में 7- सालिम बह्रें प्रचलन में है जिसका बुनियादी रुक्न निम्नलिखित है

1- मुतक़ारिब = फ़ऊलुन =122

2- मुतदारिक = फ़ाइलुन =212

3- हज़ज    = मफ़ाईलुन =1222

4- रमल    = फ़ाइलातुन =2122

5- रजज़    = मुसतफ़इलुन =2212

6- कामिल  = मुतफ़ाइलुन =11212

7- वाफ़िर   = मफ़ाइलतुन = 12112

----

अगर आप ग़ौर से देखें तो सभी अर्कान के अन्त में -2- आ रहा है यानी सबब-ए-ख़फ़ीफ़ [मुतहर्रिक+साकिन] आ रहा है यानी सभी रुक्न के अन्त में -नून साकिन- हर्फ़ आ रहा है। सालिम बह्र होगी तो अगला रुक्न ’मुतहर्रिक’ से ही शुरु होगा। यानी दो adjacent Rukn मे [आमने सामने रुक्न में] में मुतहारिक+साकिन+मुतहर्रिक हर्फ़ ही हासिल होगा। यानी तीन मुतहर्रिक मुतस्सिल[लगातार ] एक साथ आ ही नहीं सकता तो फिर तखनिक का अमल होगा कैसे? होगा कहाँ?

यही कारण है कि सालिम बह्र पर तख़निक़ का अमल नही होता या यूँ कहें कि नहीं हो सकता।

 तो सालिम बह्र पर तस्कीन-ए-औसत के अमल का क्या

वह भी देख लेते हैं

ऊपर के अर्कान में सिर्फ़ दो-रुक्न ऐसे है जिसके ’एकल रुक्न" में तीन मुतहर्रिक एक साथ आते हैं। और वह है

कामिल  =11212

वाफ़िर =12112 

कामिल की सालिम मुसम्मन बह्र

= 11212---11212---11212---11212- अब इस पर तस्कीन-ए-औसत का अमल करें तो

=  2212 ---2212---2212----2212

=  बह्र-ए-रज़ज = यानी बह्र ही बदल गई

यानी चले थे कामिल से--अमल करते करते पहुंच गए रज़ज में

सब कि इस अमल में बहर न बदले की मनाही है

यही कारण है कि सालिम बह्र में तस्कीन-ए-औसत का भी अमल नहीं हो सकता।

यही बात वाफ़िर के साथ भी है। आप खुद कर के चेक कर सकते है।

चलते चलते एक बात और--

कुछ लोग Loosely and Casually यह कह देते है कि शायरी में 1-1 को 2 लिया जा सकता है

जी हाँ लिया जा सकता है लेकिन हमेशा नहीं, कुछ विशेष परिस्थितियों में ही। और वो विशेष स्थिति यही है।

 एक सवाल --तो क्या -2- को 1-1 लिया जा सकता है? 

सोचिएगा।

 वार्ता समाप्त

-आनन्द.पाठक’आनन’-

8800927181



No comments:

Post a Comment